कोटद्वार: लालढांग और चिल्लरखाल के माध्यम से हरिद्वार से जोड़ने वाले मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया,,,।

कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल*** उत्तराखंड के बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है, सुप्रीम कोर्ट ने इस सड़क निर्माण पर लगी रोक को हटा दी है, सुनवाई के दौरान गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर कर पक्ष रखा जबकि, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने उनके वकील के रूप में अदालत में प्रभावी पैरवी की, अदालत के सकारात्मक आदेश के बाद अब लंबे समय से अटकी इस परियोजना का रास्ता साफ हो गया है।
उत्तराखंड में कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) को लालढांग और चिल्लरखाल के माध्यम से हरिद्वार से जोड़ने वाले मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- स्टे ऑर्डर (Stay Order) हटा: सुप्रीम कोर्ट ने राजाजी नेशनल पार्क के इकोलॉजिकल रूप से संवेदनशील क्षेत्र (4.5 किमी चमारिया मोड़ से सिगड्डी स्रोत) से गुजरने वाली 11.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य पर 2023 से लगे स्टे को हटा दिया है।
- ग्रामीणों को राहत: कोर्ट ने ग्रामीणों की आवाजाही और विकास की जरूरतों को देखते हुए सड़क के मेटलिंग (डामरीकरण) की अनुमति दे दी है।
- व्यावसायिक वाहनों पर रोक: कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मार्ग पर व्यावसायिक (Commercial) वाहनों का संचालन नहीं होगा, क्योंकि यह क्षेत्र जिम कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व को जोड़ता है।
- ऐतिहासिक उपलब्धि: उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने इसे कोटद्वार और आसपास के क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक फैसला बताया है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए हरिद्वार की दूरी कम हो जाएगी।
- पृष्ठभूमि: यह सड़क परियोजना पर्यावरणीय मंजूरी (वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और वन संरक्षण अधिनियम, 1980) के उल्लंघन के कारण सालों से रुकी हुई थी।
यह सड़क उत्तराखंड सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो इस मार्ग को विकास की रेखा (Lifeline) मानती है




