देहरादून

नशे के विरोध में ज्योति रौतेला के नेतृत्व मे पैदल जनजागरण मार्च निकाला गया,,,।

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देहरादून/उत्तराखंड*** धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते नशे के प्रचलन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड महिला कांग्रेस ज्योति रौतेला ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं रह गई है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि दून क्षेत्र के कई हिस्सों—विशेषकर दून यूनिवर्सिटी, कैनाल रोड, दौड़वाला एवं आसपास के इलाकों में युवाओं के बीच “सूखे नशे” (ड्रग्स) का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। विभिन्न राष्ट्रीय रिपोर्टों और सर्वेक्षणों में भी युवाओं के बीच नशीले पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता को गंभीर सामाजिक चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया है। स्थानीय स्तर पर भी सुनसान स्थानों पर समूह बनाकर नशा सेवन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि इस स्थिति का सबसे अधिक दुष्प्रभाव छात्र-छात्राओं और युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। “आज माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे भविष्य के लिए शहर भेजते हैं, लेकिन बढ़ते नशे के जाल ने उनके मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा बन चुकी है,” उन्होंने कहा।
इसी के विरोध में ज्योति रौतेला के नेतृत्व में दून यूनिवर्सिटी से शहीद गिरीश भद्री चौक (बंगाली कोठी) तक पैदल जनजागरण मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्गों ने सहभागिता की। इस दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेसजन भी उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद की।
उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे की गतिविधियों का बढ़ना अत्यंत चिंताजनक है और इस पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त, निगरानी और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील करते हुए कहा कि—
 बिना पुलिस सत्यापन के किराए पर मकान न दें
 संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना प्रशासन को दें
 अपने बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं और उन्हें नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें
अंत में उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
“नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है—इसे रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है।”

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