कोटद्वार: फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ₹3.86 लाख की साइबर ठगी करने वाला इनामी अभियुक्त गिरफ्तार,,,।

अभियुक्त के 09 बैंक खातों में करीब ₹1.50 करोड़ की साइबर ठगी की धनराशि आने का खुलासा, ₹7 लाख की धनराशि कराई गई फ्रीज।
कोलकाता, काशी, कर्नाटक, अमृतसर, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से भी साइबर क्राइम पोर्टल पर अभियुक्त के विरुद्ध शिकायतें हैं दर्ज
कोटद्वार पौड़ी / गढ़वाल *** वादी रोहिताश कुमार, निवासी कोटद्वार द्वारा कोतवाली कोटद्वार में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें वादी द्वारा बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्वांटम कैपिटल कम्पनी के माध्यम से फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर उनसे ₹3,86,000 की साइबर ठगी की गई है।प्राप्त तहरीर के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0 123/2026, धारा 318(4) BNS के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा जनपद में धोखाधड़ी, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध एवं अवैध रूप से धन अर्जित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
निर्गत निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाईं के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कोटद्वार प्रदीप नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर प्रकरण की विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा तकनीकी सर्विलांस, बैंक खातों की जांच एवं लगातार सुरागरसी के माध्यम से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण किया गया। जांच में आशीष रिचर्ड, निवासी रुड़की की प्रकरण में संलिप्तता प्रकाश में आई।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त द्वारा कुल 09 बैंक खाते खोले गए थे। इन बैंक खातों के परीक्षण में करीब ₹1.50 करोड़ की साइबर ठगी से संबंधित धनराशि के विभिन्न खातों में आने तथा उसके ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई और जांच में यह भी प्रकाश में आया कि उक्त धनराशि का अधिकांश हिस्सा अभियुक्त द्वारा खुर्द-बुर्द किया जा चुका है। अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन अभियुक्त पुलिस से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था और अपना मोबाइल भी प्रयोग नहीं कर रहा है। जिसके पश्चात अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी पर ₹1,500 का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस टीम द्वारा लगातार सुरागरसी एवं तकनीकी माध्यमों से अभियुक्त की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि अभियुक्त अपनी पत्नी जो पौड़ी के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत है से मिलने के लिए पौड़ी आ रहा है। इस सटीक सूचना पर दिनांक 01.09.2026 को पुलिस टीम द्वारा पौड़ी में इनामी अभियुक्त आशीष रिचर्ड को गिरफ्तार कर लिया.
जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्त के विरुद्ध कोलकाता, काशी, कर्नाटक, अमृतसर, तमिलनाडु सहित अन्य स्थानों से साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं।




