पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर शिकंजा, वितरण वाहन में मिले 9 भरे सिलेंडर,,,।

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सिलेंडरों को अवैध रूप से बेचने की आशंका पर गैस प्रबंधक ने खाद्य पूर्ति विभाग से की शिकायत

खाद्य पूर्ति विभाग ने वाहन से सिलेंडरों को जब्त कर प्रबंधक को किया सुपुर्द

श्रीनगर/पौड़ी गढवाल*** जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए खाद्य पूर्ति विभाग लगातार सख़्ती बरत रहा है। इसी के तहत श्रीनगर स्थित गैस गोदाम में की गई कार्रवाई के दौरान वितरण के लिए ले जाए गए सिलेंडरों में से 9 भरे सिलेंडर वाहन में ही पाए गए, जिनके अवैध रूप से बेचे जाने की आशंका जतायी गयी है।

खाद्य निरीक्षक विजय कुमार कैंत्यूरा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीनगर इंडेन गैस के प्रबंधक द्वारा विभाग को शिकायत दी गई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि गैस गोदाम में कार्यरत कुछ मजदूर वितरण प्रक्रिया में गड़बड़ी कर सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खाद्य पूर्ति विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान यह सामने आया कि वितरण के लिए कुल 202 गैस सिलेंडर वाहन में लोड किए गए थे। हालांकि, निर्धारित स्थानों पर आपूर्ति के बाद भी 9 भरे सिलेंडर वाहन में ही मौजूद पाए गए। विभागीय टीम ने इन सिलेंडरों को कब्जे में लेकर गैस गोदाम प्रबंधन को सुपुर्द कर दिया।

प्राथमिक जांच में यह आशंका जतायी जा रही है कि उक्त सिलेंडरों को अवैध रूप से बेचने की मंशा थी। इस संबंध में गैस प्रबंधक द्वारा संबंधित मजदूरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं खाद्य पूर्ति निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग की ओर से गैस वितरण प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि गैस गोदामों, वितरण वाहनों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और एजेंसियों की नियमित जांच की जा रही है, ताकि कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि उन्हें गैस वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी की जानकारी मिलती है, तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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