निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने किया इस्तीफा देने का ऐलान,,,।

देहरादून / उत्तराखंड *** उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र की शुरुआत से पहले खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने अपने फैसले के पीछे हरिद्वार में किसानों की फसल बर्बाद होने के मुद्दे पर विपक्ष का साथ नहीं मिलने को वजह बताया है। उमेश कुमार का कहना है कि किसानों को नुकसान हुआ, लेकिन उनकी समस्या को लेकर कोई उनके साथ खड़ा नहीं हुआ। उन्होंने इसी नाराजगी के चलते विधायक पद छोड़ने की घोषणा की है।
उमेश कुमार ने अपने ऐलान के साथ कांग्रेस और भाजपा, दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखने का भी संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह न कांग्रेस में जा रहे हैं और न ही भाजपा में शामिल होने की उनकी कोई मंशा है। उनका कहना है कि वह ऐसे नेताओं के समर्थन में नारे नहीं लगा सकते, जो कल तक उनके दरवाजे पर आकर बैठते थे। उनके इस बयान को प्रदेश की राजनीति में दलों के साथ उनके संबंधों और किसानों के मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर उठे सवालों के रूप में देखा जा रहा है। विधानसभा सत्र से ठीक पहले इस्तीफे की घोषणा को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सत्र में सरकार के सामने विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की चुनौती रहेगी। ऐसे समय में एक निर्दलीय विधायक की ओर से किसानों के मुद्दे पर विपक्ष का साथ नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सदस्यता छोड़ने का ऐलान करना विपक्षी एकजुटता और सदन के भीतर किसानों के सवालों को उठाने की रणनीति पर चर्चा का विषय बन गया है। उमेश कुमार ने अपने फैसले के पीछे हरिद्वार में किसानों की फसल बर्बाद होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप है कि किसानों को नुकसान होने के बावजूद उनकी आवाज उठाने के लिए कोई उनके साथ खड़ा नहीं हुआ। उन्होंने इसी नाराजगी को अपने इस्तीफे की घोषणा की वजह बताते हुए सवाल उठाया कि जब जनता से जुड़े मुद्दों पर ही साथ नहीं मिलता, तो विधायक बने रहने का क्या औचित्य है। उमेश कुमार ने अपने बयान में कांग्रेस और भाजपा, दोनों प्रमुख दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होकर उसके नेताओं के समर्थन में नारे नहीं लगा सकते।
उनके इस रुख से संकेत मिलता है कि वह फिलहाल अपने राजनीतिक भविष्य को किसी प्रमुख दल से जोड़ने की घोषणा नहीं कर रहे हैं। फिलहाल उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि वह औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपते हैं या नहीं और आगे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या निर्णय लेते हैं।






