लालढांग चिल्लर खाल मार्ग बनाने को लेकर सड़कों पर दिखाई दिया जन सैलाब, आगामी चुनाव पर होगा बहिष्कार,,,।


” एक ही लक्ष्य एक ही नारा, लालढांग चिल्लरखाल मार्ग बने हमारा ” : स्वतंत्र पत्रकार प्रवीन थापा
कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल*** आज लालढांग- चिल्लरखाल मार्ग को लेकर कई दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है लेकिन सरकार के कानों पर जूं भी नहीं रेंग रही है, सरकार को जनता की व्यथा से कुछ भी लेना देना नहीं लग रहा है, स्थानीय लोगों में इस मार्ग के निर्माण के अवरोध पर बहुत आक्रोश है, उनका कहना है कि अगर रोड का निर्माण नहीं किया गया तो आगामी चुनाव में क्षेत्रवासी वोट नहीं देंगे, चुनाव का बहिष्कार होगा, स्वतंत्र पत्रकार परवीन थापा ने क्षेत्र की जनता की समस्या व मांग को लेकर एक आंदोलन किया, क्षेत्रीय लोगों ने इस आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, आज इस आंदोलन को लेकर हजारों की संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, प्रदर्शन में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रोहित डंडरियाल भी शामिल थे, देखते हैं कि सरकार पर इस प्रदर्शन पर क्या असर होता है,
आपको बताते हैं कि लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग विवाद का मुख्य कारण वन कानूनों और वन्यजीव संरक्षण का उल्लंघन है, क्योंकि यह मार्ग राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन से होकर गुजरता है. सुप्रीम कोर्ट ने वन्यजीवों की आवाजाही के लिए गलियारे में पक्की सड़क बनाने पर रोक लगा दी है. हालांकि, स्थानीय लोग और नेता इस मार्ग के जल्द निर्माण की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इसके न बनने से कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों का विकास रुका हुआ है और लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग के न बनने के कारण कोटद्वार क्षेत्र विकास की दृष्टि से अलग-थलग पड़ गया, और क्षेत्र का विकास नहीं हो रहा है, जो लोग हरिद्वार और देहरादून में नौकरी करते हैं उनको आने-जाने में लंबी दूरी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बारिश के दौरान नजीबाबाद वाले मार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर, लोगों को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जाने के लिए भी लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे वे बार-बार लंबी यात्रा करने को मजबूर होते हैं।




