प्रधानाध्यापक पर लगे राजनीतिक हस्तक्षेप, बच्चों की पढाई पर ध्यान न देना, ठेकेदारी पर जोर रखना एवं विद्यालय में अधिकांश अनुपस्थित रहने के आरोप,,,।



रिखणीखाल/पौड़ी गढवाल*** राजकीय प्राथमिक विद्यालय तोलियोडांडा (पैनों) के प्रधानाध्यापक पर अनियमितताओं का आरोपों की निष्पक्ष जांच व स्थानांतरण की उठी मांग।
जनपद गढ़वाल के रिखणीखाल प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तोलियोडांडा में लक्ष्मण सिंह रावत प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन वे घोर अनियमितताओं से घिरे हुए हैं। उन पर ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाये जा रहे हैं कि वे राजनीतिक हस्तक्षेप बच्चों की पढाई पर ध्यान न देना,ठेकेदारी पर जोर रखना,विद्यालय में अधिकांश अनुपस्थित रहना,लोगों के स्थायी निवास प्रमाणपत्र जन्म प्रमाणपत्र आदि के कार्यों में लिप्त रहना,उनसे मनचाहा मूल्य वसूल करना,आदि अनेक आरोप लगाये गये हैं। जिससे विद्यालय की पठन-पाठन व्यवस्था स्थिति चरमरा गयी है। पठन-पाठन में ध्यान न रखते हुए अन्य लाभ प्राप्त करने के कार्यों में व्यस्त पाये जाते हैं। बच्चों के मिड डे मील में भी घोर अनियमितता देखी गई है।वे गाँव के राजनीतिक गतिविधियों में भी हस्तक्षेप करते हैं व मनचाहा निर्णय लेने को कहते हैं। विद्यालय में निर्माण कार्यों का भी ठेका स्वयं लेते हैं। दोपहिया वाहन से रेत,बजरी, सीमेंट आदि ढोते हैं। विद्यालय से अधिकांश अनुपस्थित रहकर छुट्टियां बिताते हैं। बच्चों का भविष्य दिन प्रतिदिन चौपट होता जा रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी गढ़वाल, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मंत्री उत्तराखण्ड व विधायक लैंसडौन से की है,लेकिन समुचित कार्रवाई का अभाव देखा गया है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रधानाध्यापक पर लगे आरोपों की जांच हो तथा सम्बन्धित अध्यापक को इस क्षेत्र से कहीं दूर दुर्गम में स्थानांतरण किया जाये। ताकि विद्यालय की स्थिति में सुधार हो सके।




