पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

बोर होल पद्धति’ से महिलाओं को मिलेगा रोजगार का मौका, जल्द शुरू होगा लीसा विदोहन कार्य,,,।

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प्रशिक्षण के बाद चिन्हित स्थलों पर जल्द शुरू होगा लीसा निकालने का कार्य : डीएफओ

कंडोलिया वन पंचायत में महिलाओं को दिया गया प्रशिक्षण 

पौड़ी गढवाल/उत्तराखंड*** ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और वन आधारित आजीविका को मजबूत करने की दिशा में गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी ने एक अहम पहल की है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में वन विभाग ने कंडोलिया वन पंचायत के अंतर्गत पंचायती वन क्षेत्र में बोर होल पद्धति से लीसा विदोहन के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया, जिससे अब क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होने जा रहे हैं।

एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पौड़ी, खिर्सू और कोट विकासखंड की विभिन्न महिला समूहों की करीब 60 से 70 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को लीसा विदोहन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराया गया। साथ ही बोर होल पद्धति के सुरक्षित उपयोग और उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया गया, जिससे वे स्वयं इस कार्य को करने के लिए सक्षम हो सकें।

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि यह विधि पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक सुरक्षित, प्रभावी और वन संरक्षण के अनुकूल है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब वन विभाग और ग्राम पंचायत द्वारा चिह्नित स्थलों पर जल्द ही लीसा विदोहन का कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो इसके लिए वन विभाग द्वारा यह कार्य अपनाया गया है। इसके लिए वन पंचायतों में क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार भी किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके।

डीएफओ गढ़वाल ने बताया कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बोर होल पद्धति से लीसा विदोहन के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है और अब वन विभाग व पंचायत द्वारा चिह्नित स्थलों पर शीघ्र ही कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के सहयोग से इस पहल को गति मिली है, जिससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

वहीं जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार ने विभागीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि बमठी गांव में इस पद्धति से कार्य शुरू होने के बाद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जो अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।

इस अवसर पर उप प्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी नक्षत्र शाह, खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य यशोदा नेगी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि और समूह की महिलाएं उपस्थित रहे।

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