पुजाई के लिए रिखणीखाल के सीमांत गाँव ‘नावेतल्ली ‘में बाघ ने 2 बड़े बकरों को अपना निवाला बनाया,,,।

रिखणीखाल / पौड़ी गढ़वाल ***जनपद गढ़वाल के रिखणीखाल प्रखंड के सीमांत व बीहड़ गाँव नावेतल्ली में 23 जून,2026 को रात्रि, 8-9 बजे के मध्य बाघ ने गाँव के ही बकरीपालक सतपाल सिंह गुसांई उर्फ बन्दरू के 2 बड़े बकरों को अंधेरा का फायदा उठाते हुए गौशाला के अहाते में ही मार डाला। बकरीपालक के पास लगभग 12-15 बकरियां थी।सभी बकरियां गौशाला के बाहर अहाते में खूँटे से बंधी थी।बकरीपालक सतपाल भी उधर ही नजदीक था।उस दिन गाँव में विद्युत आपूर्ति बहाल होने के चलते घनघोर अंधेरा था।इसी अंधेरा का फायदा उठाते हुए बाघ ने दो बडे बकरों को खून चूस कर मार डाला।तब तक हल्ला हो गया।बाघ बकरे छोड कर बाघ निकला।
सतपाल सिंह गुसांई ने दोनों बकरे पुजाई के निमित्त पाल रखे थे।ये क्रमशः 22 किलोग्राम व 18 किलोग्राम के रहे होंगे। उसका कहना है कि विद्युत आपूर्ति न होने के कारण ये घटना घटित हुई। ये भी कहते हैं कि संचार न होने के चलते वे कहीं भी फोन से शिकायत या रिपोर्ट नहीं कर सके।बकरीपालक अनपढ है।जानकारी के अभाव के चलते बेचारा मन मसोट कर चुप रहा।इस गाँव की नेटवर्क की समस्या तो आम बात है।कई बार उजागर करते हैं लेकिन कुछ नहीं होता। आश्वासन तो मिलता है लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
क्या उत्तराखण्ड सरकार इस बकरीपालक की आर्थिक स्थिति का ऑकलन कर कोई राहत व मुआवज़ा देगी।




