देहरादून

भारत में मोहित डिमरी का फेसबुक अकाउंट बैन,,,।

भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए बोले अंकिता को न्याय दिलाने की आवाज दबा नहीं पाएगी सरकार

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाने और कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष CBI जांच की मांग दोहराई

देहरादून / उत्तराखंड *** मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने अपना फेसबुक अकाउंट भारत में बैन किए जाने पर नाराजगी जताते हुए भाजपा सरकार और संबंधित अधिकारियों से सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग करना इतना बड़ा गुनाह क्यों माना जा रहा है कि उनका फेसबुक अकाउंट ही बंद कर दिया गया। उन्होंने अपने अकाउंट को तत्काल बहाल करने और इसे प्रतिबंधित किए जाने का स्पष्ट कारण बताने की मांग की।

मोहित डिमरी ने कहा कि वे लगातार उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाने और अंकिता भंडारी हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका की निष्पक्ष CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि वे इस मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं, तो इसमें गलत क्या है?

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “जितनी आवाज दबाने की कोशिश की जाएगी, हम उतनी ही मुखरता से अपनी आवाज उठाएंगे। मेरा फेसबुक अकाउंट बैन करने से मेरा संघर्ष बंद नहीं होगा और न ही अंकिता को न्याय दिलाने की हमारी लड़ाई रुकेगी।”

मोहित डिमरी ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उनकी कथित भूमिका के संबंध में उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाया जाए और इस मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से जवाब सामने लाया जाए। जो भी दोषी पाया जाए, उसे कानून के मुताबिक कठोर सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और न्याय की मांग करना नागरिकों का अधिकार है। सोशल मीडिया अकाउंट बैन किए जाने, लोगों को जेल भेजे जाने और प्रताड़ित किए जाने की शिकायतों पर भी निष्पक्षता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की लड़ाई नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा विषय है। उन्होंने राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, युवाओं और प्रदेश की जनता से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा, “अंकिता में अपनी बहन और बेटी को देखिए। अगर हम अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होकर खड़े नहीं हो पाए, तो आने वाली पीढ़ियों को क्या जवाब देंगे? यह हम सबकी लड़ाई है और हमें मिलकर इसे आगे बढ़ाना होगा।”

अंत में मोहित डिमरी ने मांग की कि उनका फेसबुक अकाउंट तत्काल बहाल किया जाए, इसे बैन किए जाने का स्पष्ट कारण बताया जाए, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाया जाए और अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए।

उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और किसी भी परिस्थिति में वे न्याय की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button