पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने पटवारियों को ज़मीनी स्तर पर क्षति आकलन के दिए निर्देश,,,।

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सड़क, पेयजल और विद्युत आपूर्ति बहाल करने हेतु मिशन मोड पर कार्य करें अधिकारी: डीएम

पौड़ी गढ़वाल/उत्तराखंड*** विगत तीन दिनों में भारी वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा से विभागीय परिसंपत्तियों एवं जनहानि की क्षति के आकलन हेतु जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जिला कार्यालय कक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने मूलभूत सुविधाओं सड़क, पेयजल व विद्युत आपूर्ति से जुड़े विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) का कार्य मिशन मोड पर जारी रखा जाए। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में हुई जनहानि व क्षति के आकलन को तीव्र गति से पूरा करने के निर्देश संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को दिए गए।

शुक्रवार को आयोजित इस आपदा बैठक में जिलाधिकारी ने लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त एवं बंद मोटर मार्गों पर यातायात सुचारु करने हेतु मिशन मोड में कार्य करें और प्रत्येक दो घंटे में प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों को खोलने हेतु यदि अतिरिक्त मानव या यंत्रबल की आवश्यकता हो तो संसाधनों की व्यवस्था में कोई देरी न की जाए। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि बंद मोटर मार्गों को खोलने के लिए 60 जेसीबी कार्यरत हैं, और अधिकांश मार्गों को आज शाम तक अस्थायी रूप से यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। साथ ही जिन मार्गों पर सड़क का कुछ भाग पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गया है, वहाँ वैकल्पिक यातायात व्यवस्था के प्रयास निरंतर जारी हैं।

बैठक में उपस्थित पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता ने बताया कि प्रभावित मोटर मार्गों पर 21 जेसीबी मशीनों द्वारा कार्य कर 25 मार्गों को अस्थायी रूप से यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है, तथा अन्य मार्गों पर कार्य प्रगति पर है।

जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए। जल निगम के अधिकारियों को सभी पंपिंग योजनाओं को युद्धस्तर पर सुचारु करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जहां पेयजल लाइन को दुरुस्त करने में अधिक समय लगने की संभावना है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि आपदा के कारण क्षतिग्रस्त 29 पंपिंग योजनाओं में से 22 को अस्थायी रूप से सुचारु कर दिया गया है, शेष योजनाओं पर कार्य जारी है।

जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने को प्राथमिकता दी जाए।

व्यक्तिगत स्तर पर हुई पशु हानि, मकान-गौशाला क्षति आदि के आकलन हेतु जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग एवं संबंधित विभागों के क्षेत्रीय अधिकारी/कर्मचारी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही, जिलाधिकारी ने पटवारियों को प्रतिदिन अपने क्षेत्र के गांवों में भ्रमण करने को कहा है। साथ ही उन्हें आकलन के साथ ही तत्काल राहत राशि भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि महिपाल सिंह रावत, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल तथा अधिशासी अभियंता जल निगम नवनीत कटारिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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