कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल

कोटद्वार: बंद घर से चोरी कर 50 लाख से अधिक कीमत के जेवरात संग 3 शातिर नकबजन गिरफ्तार,,,।

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कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल*** 17 सितंबर को भाबर क्षेत्र के मवाकोट निवासी महावीर सिंह चौहान द्वारा कोतवाली कोटद्वार में दिए शिकायती पत्र में बताया गया कि उनके भाई पूरन सिंह चौहान जो कि अरुणाचल प्रदेश में नौकरी करते हैं। मवाकोट कोटद्वार में स्थित उनके घर से उनके सोने व चांदी के गहने रखे हुए थे जो अज्ञात चोरों ने चुरा लिए हैं। पूरण सिंह चौहान की पत्नी द्वारा बताया गया कि उनके घर में से चोरों ने (दो सोने की नथ, सोने के 6 कड़े, सोने की पांच अंगूठियाँ, सोने का गले का एक हार, सोने की एक गले की चेन, श्री गणेश लक्ष्मी जी की चांदी की एक मूर्ति, चांदी की दो भारी पाजेब, सोने के झुमके 2 जोड़ी, सोने की गले की चेन, चांदी की पाजेब पतली एक जोड़ी, चांदी के चार पांच सिक्के, एक कान के कुंडल सोने के जोड़ी तथा इसके अतिरिक्त भी कई और ज्वैलरी चोरी की गई हैं। नकबजनी की इस सनसनीखेज़ घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार चन्द्रमोहन सिंह व क्षेत्राधिकारी कोटद्वार श्रीमती निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण, प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवार के नेतृत्व में कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। उपनिरीक्षक जयपाल चौहान के नेतृत्व में सर्विलांस टीम, उपनिरीक्षक शशिभूषण जोशी के नेतृत्व में सीसीटीवी कैमरों को खंगालने वाली टीम और उपनिरीक्षक अनिल चौहान के नेतृत्व में मैनुअल पुलिसिंग करने वाली टीम गठित की गई। गठित पुलिस टीमों द्वारा घटनास्थल से लेकर कोटद्वार से बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर लगे लगभग पांच सौ सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के साथ ही मैनुअल पुलिसिंग टीम द्वारा पुराने चोरों व चोरी किये गये तरीकों का अध्ययन किया गया। इसके अलावा एफएसएल टीम द्वारा भी मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए गये। पुलिस टीमों द्वारा की गई अथक मेहनत व त्वरित कार्यवाही के पश्चात ज्वालापुर हरिद्वार की वाल्मीकी बस्ती से तीन शातिर नकबजन मोहित, प्रवीण व अनुज को गिरफ्तार किया गया। तीनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने अभियुक्तों द्वारा चोरी किये गए शतप्रतिशत सोने व चांदी के गहने भी बरामद कर दिये हैं। गिरफ्तारशुदा तीनों अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक कार्यवाही की गई।पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि 14 सितंबर को हम तीनों ने ज्वालापुर दिल्ली हाईवे के पास ठेके से एक स्प्लेंडर मोटर साइकिल चोरी की, जिसे लेकर हम तीनों 15 सितंबर को कोटद्वार पहुंचे थे और चोरी के इरादे से कोटद्वार में घूम रहे थे। इसी दौरान मवाकोट कोटद्वार में हमें एक बंद घर दिखाई दिया जिस पर बाहर ताला लगा हुआ था। रात्रि के समय हम लोग दीवार फांदकर उस घर में घुस गए और घर के मैन गेट का कुंडा तोड़ कर घर के अंदर घुसे और घर के अंदर रखी एक आलमारी का लॉक तोड़कर वहां रखी सारी ज्वैलरी, मूर्तियां आदि चोरी की। पुलिस की चेकिंग में पकड़े ना जाएं इस कारण चोरी की गई ज्वैलरी को आपस में बांटकर हमने कोटद्वार के पास ही झाड़ियों छुपा दिया था। पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राज विक्रम सिंह कोतवाली कोटद्वार, उप निरीक्षक जयपाल चौहान प्रभारी सीआईयू कोटद्वार, उप निरीक्षक कमलेश शर्मा प्रभारी साइबर सेल, उपनिरीक्षक शशिभूषण जोशी, उपनिरीक्षक अनिल चौहान, उप निरीक्षक राजा राम डोभाल, हेड कांस्टेबल शशिकांत, कांस्टेबल संतोष टीम सीआईयू, कांस्टेबल गंभीर टीम सीआईयू,कांस्टेबल हरीश टीम सीआईयू, कांस्टेबल अमरजीत साइबर सेल, कांस्टेबल दीपक, कांस्टेबल जमशेद, कांस्टेबल सतीश शर्मा, कांस्टेबल अनुज वर्मा शामिल थे।

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