पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

पेयजल व्यवस्थाओं पर डीएम भदौरिया का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई, वीडियो कॉल करने पर घर में मिले क्षेत्रीय कनिष्ठ अभियंता, दी गयी प्रतिकूल प्रविष्टि,,,।

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सीसीटीवी लगाने तथा कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर कार्यालय के बाहर प्रदर्शित करने के निर्देश: जिलाधिकारी

कंट्रोल रूम व्यवस्था, शिकायत पंजिका और फील्ड मॉनिटरिंग को मजबूत करने के निर्देश

पौड़ी गढ़वाल / उत्तराखंड *** जनपद में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल समस्याओं को लेकर आमजन से लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मंगलवार को जल संस्थान कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय व्यवस्थाओं, शिकायत निस्तारण प्रणाली, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा फील्ड में चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति का गहन जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्तरों पर लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी।

निरीक्षण के दौरान जब जिलाधिकारी द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) से वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया गया तो वह ड्यूटी समय में अपने घर पर मौजूद मिले। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित जेई के खिलाफ तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी अत्यंत संवेदनशील और जनहित से जुड़ी व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, अधीक्षण अभियंता कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जिसके संबंध में उनका एक दिन का वेतन बाधित करने हुए स्पष्टीकरण किया गया। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा पेयजल सचिव को भी सूचनार्थ प्रेषित किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर कार्यालय परिसर के बाहर प्रमुखता से चस्पा किए जाएं तथा उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकें। साथ ही उन्होंने शिकायतों एवं उनके निस्तारण का नियमित पंजिका में अंकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने डिस्पैच रूम, अधिष्ठान अनुभाग, लेखा अनुभाग, कंप्यूटर अनुभाग तथा पेयजल शिकायत अनुभाग का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने शिकायतों के पंजीकरण, उनके निस्तारण की समयसीमा, संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तथा निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाए और शिकायतकर्ता को निस्तारण की स्थिति से अवगत कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में पेयजल समस्या आमजन से सीधे जुड़ा विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता प्रशासन की प्राथमिकताओं के विपरीत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से पेयजल संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां तत्काल टीम भेजकर मौके पर समस्या का समाधान कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों को केवल कागजों में निस्तारित दिखाने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिशासी अभियंता को शिकायती नंबर ऑफिस के बाहर चस्पा करने के भी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बीते सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में गिरगांव क्षेत्र की महिलाओं द्वारा उठाई गई पेयजल समस्या की भी समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि गांव का निरीक्षण कर लिया गया है तथा तकनीकी स्तर पर समस्या का परीक्षण किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि क्षेत्र में समय पर और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है तो संबंधित फिटर को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने तहसील दिवसों, जनता मिलन कार्यक्रमों तथा जन जन की सरकार, जन जन के द्वार कार्यक्रमों में आई शिकायतों के निस्तारण की स्थिति भी जानी और व्यवस्थित रूप से निस्तारण करने तथा निस्तारित शिकायतों से शिकायतकर्ताओं को सूचित करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि फील्ड में निरीक्षण और शिकायत निस्तारण के लिए भेजे जा रहे जेई एवं अन्य कार्मिकों की उपस्थिति का पटवारियों के माध्यम से क्रॉस सत्यापन कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि कई बार फील्ड विजिट केवल कागजों में दर्शायी जाती हैं, इसलिए वास्तविक निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में शिकायतों के समाधान के लिए कर्मचारी भेजे जा रहे हैं, उसकी सूचना संबंधित जनप्रतिनिधियों और ग्राम स्तर के जिम्मेदार व्यक्तियों को भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता आएगी तथा स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

कार्यालय व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में अनुशासन और कार्य संस्कृति बनाए रखने के लिए तकनीकी निगरानी व्यवस्था आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि फील्ड में कार्यरत कार्मिकों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित और प्रभावी पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत सहित जल संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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