कोटद्वार: ‘दर्शन के बहाने, श्रद्धालुओं को बनाती थीं निशाना’— सिद्धबली मंदिर में सक्रिय 02 शातिर महिला टप्पेबाज चढ़ीं पुलिस के हत्थे,,,।

सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल, सर्विलांस एवं मुखबिर तंत्र की मदद से कोटद्वार पुलिस ने किया सफल खुलासा, चोरी की चेन व लॉकेट बरामद।
कोटद्वार / पौड़ी गढ़वाल *** वादनी संगम प्रजापति, निवासी- मेरठ द्वारा कोतवाली कोटद्वार पर एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उनके द्वारा अंकित किया कि वह अपने परिवार के साथ सिद्धबली कोटद्वार घूमने आयी थी दर्शन के दौरान उनके पीछे कुछ महिलाएं खड़ी थीं, जिन्होंने भीड़ का लाभ उठाकर उनके गले से मंगलसूत्र एवं लॉकेट चोरी कर लिया। घटना की जानकारी होने पर उनके द्वारा उक्त महिलाओं की काफी तलाश की गई, किन्तु उनका कोई पता नहीं चल सका। इस संबंध में कोतवाली कोटद्वार पर मुकदमा अपराध संख्या- 159/26 धारा-304(4) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया ।
प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा आम जनमानस के साथ हुई चोरी/टप्पेबाजी की घटना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही घटना का अनावरण करने व संबंधित अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया गया।
उक्त निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाई के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कोटद्वार प्रदीप नेगी के नेतृत्व में घटना के शीघ्र अनावरण एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित पुलिस टीमों द्वारा घटना के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच करते हुए घटनास्थल एवं संभावित आवागमन मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। साथ ही सर्विलांस, पतारसी-सुरागरसी एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर अभियुक्तों की तलाश में लगातार प्रयास किए गए। जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया, जिसके विश्लेषण से महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि घटना को अंजाम देने के पश्चात अभियुक्ताएं जनपद बिजनौर की ओर चली गई थीं।
पुलिस टीम द्वारा प्राप्त सुरागों के आधार पर लगातार अभियुक्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी तथा उनकी गिरफ्तारी हेतु संभावित स्थानों पर प्रभावी चेकिंग एवं निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में दिनांक 25.07.2026 को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि घटना में संलिप्त दोनों महिलाएं पुनः किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में सिद्धबली मंदिर क्षेत्र की ओर जा रही हैं तथा वर्तमान में गुलर पुल के समीप सनेह रोड पर मौजूद हैं। सूचना की त्वरित पुष्टि एवं आवश्यक सत्यापन के उपरांत पुलिस टीम द्वारा तत्परता एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए गुलर पुल, कोटद्वार के पास दोनों महिला अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्ताओं के कब्जे से घटना से संबंधित सोने की 01 चेन एवं 01 लॉकेट बरामद किया गया। गिरफ्तारशुदा महिला अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास एवं अन्य संभावित घटनाओं में संलिप्तता के संबंध में भी जांच की जा रही है। गिरफ्तारशुदा अभियुक्ताओं को मा0 नय्यालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
पूछताछ का विवरण
पूछताछ में अभियुक्ताओं ने बताया कि वे मेले, धार्मिक आयोजनों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सक्रिय रहती हैं। किसी महिला के गले में कीमती आभूषण दिखाई देने पर उसका पीछा करती हैं तथा भीड़ और धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर मौका मिलते ही उसके गले से चेन, मंगलसूत्र अथवा अन्य आभूषण चोरी कर लेती हैं। वारदात के बाद वे तुरंत भीड़ का लाभ उठाकर मौके से फरार हो जाती हैं।
पुलिस टीम में उ0नि0 शोएब अली– कोतवाली कोटद्वार, उ0नि0 मेहराजुद्दीन -कोतवाली,उ0नि0 विनोद चपराना- चौकी प्रभारी बाजार, हे0 का0 राकेश आजाद, का0 आशीष बिष्ट, का0 चन्द्रपाल- कोतवाली, महिला का0 करिश्मा, हो0गार्ड मन्जू, होमगार्ड कुलदीप- कोतवाली कोटद्वार एवं एसओजी/सीआईयू टीम में उ0नि0 रणजीत तोमर- प्रभारी सीआईयू , उ0नि0 सुशील चौधरी सीआईयू कोटद्वार,हे0का0 उत्तम -सीआईयू कोट्द्वार शामिल थे।




