पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

मुख्य चिकित्साधिकारी ने सतपुली क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों का किया औचक निरीक्षण

[gtranslate]

सीएचसी, पीएचसी, हंस फाउंडेशन चिकित्सालय एवं नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

पौड़ी गढ़वाल / उतराखण्ड *** नपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल ने गुरुवार को जिला स्तरीय विभागीय टीम के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाठीसैंण, हंस फाउंडेशन चिकित्सालय सतपुली तथा ‘नई सोच’ नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों तथा मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली के निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने लेबर रूम का निरीक्षण कर उसे और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बोरिंग कराने तथा बाउंड्री वॉल, सुरक्षा रेलिंग एवं स्ट्रीट लाइट की स्थापना के लिए विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा।

हंस फाउंडेशन चिकित्सालय सतपुली में उन्होंने सीटी स्कैन एवं अल्ट्रासाउंड मशीनों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। साथ ही गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध करायी जा रही प्रसव पूर्व जांच, परामर्श एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेकर सेवाओं को निरंतर गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही ‘नई सोच’ नशा मुक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि लंबे समय से मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा केंद्र का नियमित भ्रमण नहीं किया गया है। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने केंद्र को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र संचालक को निर्देशित किया कि मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा मरीजों के परीक्षण के दौरान जियो-टैग्ड फोटोग्राफ एवं परीक्षण रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को उपलब्ध करायी जाए, ताकि उपचार व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटीसैंण के निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की सुविधा एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रसव कक्ष को अधिक सुविधाजनक स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनय त्यागी, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष गुसाईं, डॉ. निकिता चौधरी, मनमोहन देवली, आशीष रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button