न्यू दिल्ली
Trending

भारत-नेपाल सीमा पर ट्रैफिकिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार नाबालिग लड़कियां मुक्त, दो ट्रैफिकर भी गिरफ्तार,,,।

[gtranslate]

दार्जिलिंग / पश्चिम बंगाल *** पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भारत-नेपाल की पानीटंकी सीमा पर छह लड़कियों को ट्रैफिकिंग गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया गया, जिनमें 14 से 17 साल की उम्र की चार नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं। इन्हें नेपाल के एक डांस बार में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की सहयोगी संस्था कोसी लोक मंच और एसएसबी की बीआईटी पानीटंकी टीम ने साझा और त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ इन नाबालिगों को सुरक्षित बचाया, बल्कि बाल दुर्व्यापारियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

लड़कियों के हाव भाव को देखते हुए एसएसबी के जवानों ने कोसी लोक मंच के साथ मिलकर तुरंत हस्तक्षेप किया और उन्हें सीमा पार करने से पहले ही रोक लिया। पूछताछ के दौरान लड़कियों ने बताया कि वे सभी त्रिपुरा की रहने वाली हैं और उन्हें अच्छे पैसों का लालच देकर डांस बार में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। हालांकि, उन्हें यह ठीक-ठीक नहीं पता था कि आखिर उन्हें कहां और किसके पास ले जाया जा रहा है, वहां किस तरह का काम करना होगा, या नेपाल में कितने दिनों तक रुकना पड़ेगा। इसके अलावा, उनके पास इस यात्रा से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज भी नहीं था।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि मुक्त कराई गई लड़कियों में से एक नाबालिग और एक बालिग के परिवार वालों ने पहले ही त्रिपुरा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद एसएसबी ने सभी छह लड़कियों और दोनों ट्रैफिकर्स को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोसी लोक मंच के हवाले कर दिया। इसके बाद कोसी लोक मंच खरीबाड़ी पुलिस थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई, ताकि जरूरी जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय सचिव ऋषि कांत ने कहा, “भारत-नेपाल सीमा पर हाल के दिनों में एक चिंताजनक पैटर्न उभरकर सामने आया है, जिसमें नौकरी या डांस बार में काम दिलाने का झांसा देकर नाबालिग लड़कियों की ट्रैफिकिंग की जा रही है। लड़कियों को अपने गंतव्य और काम की प्रकृति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी न होना इस मामले को और भी गंभीर बना देता है। ऐसी में एसएसबी का समय रहते हस्तक्षेप करना बेहद अहम है, ताकि नाबालिग लड़कियों को ट्रैफिकिंग के जाल में फंसने से बचाया जा सके।”

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
जितेंद्र परमार 8595950825

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button