पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन चिंता का विषय है: डॉ द्वारिका प्रसाद बलोदी

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यमकेश्वर / पौड़ी गढ़वाल *** यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा झटरी डाडामंडी में तीन दिवसीय पारिवारिक मिलन समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. द्वारिका प्रसाद बलोदी ने बताया कि वर्ष 2022 से गांव के प्रवासी एवं अप्रवासी भाई-बंधुओं तथा ग्रामवासियों के सामूहिक मिलन, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का नियमित आयोजन किया जा रहा है।

डॉ. द्वारिका प्रसाद बलोदी ने समारोह के दौरान उपस्थित ग्रामीणों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन चिंता का विषय है। उन्होंने युवाओं से रिवर्स माइग्रेशन (गांवों की ओर वापसी) को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गांवों में कृषि, बागवानी, पशुपालन, पर्यटन, स्वरोजगार एवं स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों की अपार संभावनाएं हैं। यदि युवा अपनी शिक्षा, कौशल और अनुभव का उपयोग अपने गांवों के विकास में करें तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि रिवर्स माइग्रेशन का उद्देश्य केवल लोगों को गांव वापस लाना नहीं है, बल्कि गांवों को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इससे खाली होते गांव पुनः आबाद होंगे, पारंपरिक संस्कृति और लोक विरासत का संरक्षण होगा तथा आने वाली पीढ़ियों का अपने मूल गांवों से जुड़ाव भी मजबूत होगा। साथ ही स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

समारोह के प्रथम दिवस पर गांव के शिवालय मंदिर में सामूहिक पूजा-अर्चना की गई तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। द्वितीय दिवस पर मां भगवती आकाशपुरी देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं देवी-देवताओं के आवाहन हेतु धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष इस पारिवारिक मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है।

आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांवों से हो रहे निरंतर पलायन को रोकना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, ग्रामीण विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा युवाओं को अपने गांव और संस्कृति के प्रति प्रेरित करना है।

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