कोटद्वार: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन,,,।




कोटद्वार / पौड़ी गढ़वाल *** 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार में हथकरघा बुनकरों एवं शिल्पकारों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देना, बुनकरों को आधुनिक विपणन तकनीकों से जोड़ना तथा उनके उत्पादों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरसिंह कर्णवाल ने कहा कि हथकरघा केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प कौशल का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बुनकरों से गुणवत्ता, नवाचार और आधुनिक विपणन तकनीकों को अपनाते हुए अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को ब्रांडिंग और बेहतर विपणन के माध्यम से नई पहचान दिलाई जा सकती है।
जिला स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित मेधा डबराल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बुनकरों एवं शिल्पकारों को पारंपरिक कला और आधुनिक सोच के समन्वय के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुरूप डिज़ाइन, गुणवत्ता और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर कार्य करने से हथकरघा उत्पादों की मांग और बढ़ेगी।
कार्यक्रम में यूरोप से आए प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग करते हुए उत्तराखंड के हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और पारंपरिक कलात्मकता की सराहना की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की संभावनाओं को रेखांकित किया।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग, प्रबंधक उपासना सिंह, सहायक प्रबंधक सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुनकरों, शिल्पकारों एवं उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।




